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#Jai Shri Radhe
Jai Shri Radhe - ்5்5்5்5்5் 5் 5் 5்5்5் 5்5்5் 5் "श्रीकृष्ण प्रेम  एक दिन श्रीराधाजी से सखियों ने पूछा श्यामसुंदर को गए हुए बरसों हो गए तुम इतना याद करती हो ब्रज छोड कर श्यामसुंदर को, क्या कभी स्वपन में श्यामसुंदर के दर्शन हुए हैं ? श्री राधाजी ने उत्तर दिया- स्वपन आये तो दर्शन हो जाये,, परन्तु स्वपन देखने के लिए नींद जरूरी है, मुझे नींद ही श्यामसुंदर गए हैं मेरी  नहीं आती तो स्वपन क्या आयेंगे। जब से नींद भी साथ ही लेे गए हैं। अब तो मुझे वो कणन कण मे पत्ते पत्ते में नजर आते हैं॰ मेरे लिए समस्त प्रकृति ही कृष्णमय हो वो मुझसे दूर नहीं हैं।वो जहाँ है।वो आये चाहे न आये चुकी भी रहे खुश रहे सुखी रहें।  श्रीकृष्ण - ऐसा है परम दिव्य प्रेम श्रीराधा जी का से। "जय जय श्री राधे" श्रीजी की चरण सेवा 30 30 30 30 30 30 30 30 30 30 30' ७० ்5்5்5்5்5் 5் 5் 5்5்5் 5்5்5் 5் "श्रीकृष्ण प्रेम  एक दिन श्रीराधाजी से सखियों ने पूछा श्यामसुंदर को गए हुए बरसों हो गए तुम इतना याद करती हो ब्रज छोड कर श्यामसुंदर को, क्या कभी स्वपन में श्यामसुंदर के दर्शन हुए हैं ? श्री राधाजी ने उत्तर दिया- स्वपन आये तो दर्शन हो जाये,, परन्तु स्वपन देखने के लिए नींद जरूरी है, मुझे नींद ही श्यामसुंदर गए हैं मेरी  नहीं आती तो स्वपन क्या आयेंगे। जब से नींद भी साथ ही लेे गए हैं। अब तो मुझे वो कणन कण मे पत्ते पत्ते में नजर आते हैं॰ मेरे लिए समस्त प्रकृति ही कृष्णमय हो वो मुझसे दूर नहीं हैं।वो जहाँ है।वो आये चाहे न आये चुकी भी रहे खुश रहे सुखी रहें।  श्रीकृष्ण - ऐसा है परम दिव्य प्रेम श्रीराधा जी का से। "जय जय श्री राधे" श्रीजी की चरण सेवा 30 30 30 30 30 30 30 30 30 30 30' ७० - ShareChat