ShareChat
click to see wallet page
search
#ધર્મ અને અધ્યાત્મ
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - शरणागति श्लोक नमः कृष्णाय शुद्धाय ब्रह्मणे परमात्मने योगेश्वराय योगाय त्वामहं शरणं गता ।। स्तुति करती हैं- श्रीकृष्ण! तुम माया के लेश से रहित कुन्ती शुद्ध हो। तुम स्वयं परब्रह्म परमात्मा हो। समस्त साधनों, ٥ योगों और उपायों के स्वामी हो तथा स्वयं योग भी हो। मैं शरण में आयी हूँ, प्रभु मेरी रक्षा करो। तुम्हारी शरणागति श्लोक नमः कृष्णाय शुद्धाय ब्रह्मणे परमात्मने योगेश्वराय योगाय त्वामहं शरणं गता ।। स्तुति करती हैं- श्रीकृष्ण! तुम माया के लेश से रहित कुन्ती शुद्ध हो। तुम स्वयं परब्रह्म परमात्मा हो। समस्त साधनों, ٥ योगों और उपायों के स्वामी हो तथा स्वयं योग भी हो। मैं शरण में आयी हूँ, प्रभु मेरी रक्षा करो। तुम्हारी - ShareChat