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#समस्या #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔
समस्या - नवोदय टाइम्स पर दिन में भी பன मुख्य जँलती रहती हें स्ट्रीट लाइटें आधुनिक लाइटें के रखरखाव पर ( ब्यूरो ): मार्च फरूखनगर ,  २१ एक तरफ जहां सरकार और बिजलो सवाल उठ रहेहें।वहों  ओरनपा दूसरी निगम आम जनता से बिजली बचाने प्रशासन खुलेआम ऊर्जा की बर्बादी की अपील करते हे बहों फरूखनगर कर रहा है। नगरपालिका प्रशासन की नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही यह लापरवाहो बर्दाश्त से बाहरहे।जब सूरज निकल आता है। तब भी लाइटें ক বলন ভন নানী ক্ষী সসসোস धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जलती रहती हैं।क्या कर्मचारियों को ক্ষী সুতঘ सड़कों पर लगी अपनीजिम्मेदारी का अहसास नहींहै ? মন स्ट्रोट लाइटें दिन के उजाले में भी पूरो क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने मांग को क्षमता के साथ जलती नजर आती है हैकि नगरपालिका प्रशासन इस मामले लगी स्ट्रोीट लाइटें दिन के उजाले में जलती हुई मुख्य सड़कों पर जो नपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर का संज्ञान ले और संबंधित कर्मचारियों सवालिया निशान खडा कर रही हें। जलतो रहों। स्थानीय लोगों का आरोप কঙ্কনা ষঁ ক্ি নিন স দালনূ তল ফ্ৌ को सख्त निर्देश जारो करे। स्थानोय है कि यह कोई एक दिन की बात नर्हीं हाल ही ताजा मामला फरूखनगर के इन लाइटों का भारी भरकम बिल सीधे लोगों का कहना है कि यदि आधुनिक  तोमैन्युअल  डाबोदा मोड़ रोड का है। जहां सूरज ह।नपा प्रशासनकी अनदेखी के चलते तौर पर सरकारी खजाने और जनता तकनीक ( सेंसर ) फेलहै 1 अक्सर सुबह होनेके बादभी इन लाइटों  की पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद तरोके से समय पर स्विच बंद करना द्वारा दिए गए टैंक्स पर बोझ डाल रहा सड़कों पर लगी फैंसी लाइटें घंटें को बंद नहीं किया जाता। राहगीरों ने है। करोडों की लागत से लगाई गई इन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। नवोदय टाइम्स पर दिन में भी பன मुख्य जँलती रहती हें स्ट्रीट लाइटें आधुनिक लाइटें के रखरखाव पर ( ब्यूरो ): मार्च फरूखनगर ,  २१ एक तरफ जहां सरकार और बिजलो सवाल उठ रहेहें।वहों  ओरनपा दूसरी निगम आम जनता से बिजली बचाने प्रशासन खुलेआम ऊर्जा की बर्बादी की अपील करते हे बहों फरूखनगर कर रहा है। नगरपालिका प्रशासन की नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही यह लापरवाहो बर्दाश्त से बाहरहे।जब सूरज निकल आता है। तब भी लाइटें ক বলন ভন নানী ক্ষী সসসোস धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जलती रहती हैं।क्या कर्मचारियों को ক্ষী সুতঘ सड़कों पर लगी अपनीजिम्मेदारी का अहसास नहींहै ? মন स्ट्रोट लाइटें दिन के उजाले में भी पूरो क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने मांग को क्षमता के साथ जलती नजर आती है हैकि नगरपालिका प्रशासन इस मामले लगी स्ट्रोीट लाइटें दिन के उजाले में जलती हुई मुख्य सड़कों पर जो नपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर का संज्ञान ले और संबंधित कर्मचारियों सवालिया निशान खडा कर रही हें। जलतो रहों। स्थानीय लोगों का आरोप কঙ্কনা ষঁ ক্ি নিন স দালনূ তল ফ্ৌ को सख्त निर्देश जारो करे। स्थानोय है कि यह कोई एक दिन की बात नर्हीं हाल ही ताजा मामला फरूखनगर के इन लाइटों का भारी भरकम बिल सीधे लोगों का कहना है कि यदि आधुनिक  तोमैन्युअल  डाबोदा मोड़ रोड का है। जहां सूरज ह।नपा प्रशासनकी अनदेखी के चलते तौर पर सरकारी खजाने और जनता तकनीक ( सेंसर ) फेलहै 1 अक्सर सुबह होनेके बादभी इन लाइटों  की पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद तरोके से समय पर स्विच बंद करना द्वारा दिए गए टैंक्स पर बोझ डाल रहा सड़कों पर लगी फैंसी लाइटें घंटें को बंद नहीं किया जाता। राहगीरों ने है। करोडों की लागत से लगाई गई इन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। - ShareChat