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#✍️ साहित्य एवं शायरी #💔दर्द भरी कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍️ साहित्य एवं शायरी - हुई क़ामिल न कोईभी तुझ बिन मिरी जानाँ.. ग़ज़ल न जाने कौन लहजे में तिरा इरशाद होना है_ हुई क़ामिल न कोईभी तुझ बिन मिरी जानाँ.. ग़ज़ल न जाने कौन लहजे में तिरा इरशाद होना है_ - ShareChat