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#Jago Hinduo Jago #सनातन धर्म की जय🚩🚩 share karo 👍👍
Jago Hinduo Jago - 9:53 AM  68 41  Mraning छिया  S7334 ಇ d muನ>lz = ள8  देवत ete MoIell ouಖur!ddivlt  blo+ols Ahere M/Id Lher  qihonnred 6 1 mwemoll 171 1 அணபIu  नार्यस्तु " रमन्ते तत्र देवताः| यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते पूज्यन्ते  "यत्र सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। ।" यह प्रसिद्ध श्लोक (श्लोक) मनुस्मृति से है, जिसका अर्थ है " जहाँ स्त्रियों की पूजा 1 होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं और जहाँ स्त्रियों की पूजा नहीं होती, वहाँ किए गए सभी अच्छे कर्म निष्फल हो जाते हैं "। यह श्लोक नारी सम्मान और समाज में उनके महत्व को दर्शाता है। पुरा श्लोक श्लोक का पूरा पाठ और अर्थः नार्यस्तु " रमन्ते तत्र देवताः संस्कृत (Sanskrit): यत्र पूज्यन्ते यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। | अर्थ (Meaning): नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताःः जहाँ स्त्रियों (नारी) यत्र का सम्मान और पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं और प्रसन्न रहते हैं। यत्रैतास्तु न " सर्वास्तत्राफलाः क्रियाःः जहाँ उनका पूज्यन्ते सम्मान नहीं होता, वहाँ किए गए सभी कार्य (क्रियाएँ निष्फल (व्यर्थ) हो जाते हैं। महत्व (Significance): यह श्लोक परिवार और समाज में महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान के महत्व पर जोर देता है, और बताता है कि महिलाओं  कुंजी है। का सम्मान ही किसी भी कार्य की सफलता की यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते Samskrita Bharati UK यत्र नार्यस्तु मनुस्मृति के अनुसार, रमन्ते तत्र देवताः | यत्रैतास्तु न quu यत्र सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।। मनुस्मृति ३/५. . तत्र देवताः' का मतलब है कि पूज्यन्ते 9:53 AM  68 41  Mraning छिया  S7334 ಇ d muನ>lz = ள8  देवत ete MoIell ouಖur!ddivlt  blo+ols Ahere M/Id Lher  qihonnred 6 1 mwemoll 171 1 அணபIu  नार्यस्तु " रमन्ते तत्र देवताः| यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते पूज्यन्ते  "यत्र सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। ।" यह प्रसिद्ध श्लोक (श्लोक) मनुस्मृति से है, जिसका अर्थ है " जहाँ स्त्रियों की पूजा 1 होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं और जहाँ स्त्रियों की पूजा नहीं होती, वहाँ किए गए सभी अच्छे कर्म निष्फल हो जाते हैं "। यह श्लोक नारी सम्मान और समाज में उनके महत्व को दर्शाता है। पुरा श्लोक श्लोक का पूरा पाठ और अर्थः नार्यस्तु " रमन्ते तत्र देवताः संस्कृत (Sanskrit): यत्र पूज्यन्ते यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। | अर्थ (Meaning): नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताःः जहाँ स्त्रियों (नारी) यत्र का सम्मान और पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं और प्रसन्न रहते हैं। यत्रैतास्तु न " सर्वास्तत्राफलाः क्रियाःः जहाँ उनका पूज्यन्ते सम्मान नहीं होता, वहाँ किए गए सभी कार्य (क्रियाएँ निष्फल (व्यर्थ) हो जाते हैं। महत्व (Significance): यह श्लोक परिवार और समाज में महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान के महत्व पर जोर देता है, और बताता है कि महिलाओं  कुंजी है। का सम्मान ही किसी भी कार्य की सफलता की यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते Samskrita Bharati UK यत्र नार्यस्तु मनुस्मृति के अनुसार, रमन्ते तत्र देवताः | यत्रैतास्तु न quu यत्र सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।। मनुस्मृति ३/५. . तत्र देवताः' का मतलब है कि पूज्यन्ते - ShareChat