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#❤️जीवन की सीख #🙏सुविचार📿 #🙏 प्रेरणादायक विचार
❤️जीवन की सीख - जिब रावण स्चर्ग लोकणया थातो चहां उसकी मुलाकात रंभा नाम की अप्सरा से हुई। रावण ने रंभा को अपने साथ जिबरदस्ती ले जाना चाहा। रंभा बोली, मैं नल कुबेर की चाग दत्ता हूं ; आपके बड़े भाई कुबेर कीजिए।" की पुत्र वधू हूं। मुझसे यह अनाचार मत लेकिन रावण नहीं माना उसने रम्भा के साथ दुष्कर्म किया। नलकुबेर को इस बात का पता चला तो उसने ডান fi, रावण को श्राप दिया आज के बाद अगर तूने किसी स्त्री को उसकी इच्छा के विरुद्ध छूने की कोशिश की तो तेरा सिर के टुकडे टुकडे हो ' ulmI 07 बस यही चो श्राप था जिसने रावण को सीता माता को छूने से रोक दिया था यह उसकी मर्यादा नहीं थी यह 3F s7 Ml जिब रावण स्चर्ग लोकणया थातो चहां उसकी मुलाकात रंभा नाम की अप्सरा से हुई। रावण ने रंभा को अपने साथ जिबरदस्ती ले जाना चाहा। रंभा बोली, मैं नल कुबेर की चाग दत्ता हूं ; आपके बड़े भाई कुबेर कीजिए।" की पुत्र वधू हूं। मुझसे यह अनाचार मत लेकिन रावण नहीं माना उसने रम्भा के साथ दुष्कर्म किया। नलकुबेर को इस बात का पता चला तो उसने ডান fi, रावण को श्राप दिया आज के बाद अगर तूने किसी स्त्री को उसकी इच्छा के विरुद्ध छूने की कोशिश की तो तेरा सिर के टुकडे टुकडे हो ' ulmI 07 बस यही चो श्राप था जिसने रावण को सीता माता को छूने से रोक दिया था यह उसकी मर्यादा नहीं थी यह 3F s7 Ml - ShareChat