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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - सुविचार सुख-दुःख पारिवारिक सदस्य नहीं है मेहमान है जो बारी-बारी आएंगे कुछ दिन ठहर कर चले जाएंगे Abdul Khaliq सुविचार सुख-दुःख पारिवारिक सदस्य नहीं है मेहमान है जो बारी-बारी आएंगे कुछ दिन ठहर कर चले जाएंगे Abdul Khaliq - ShareChat