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News Today - बिहार के मक्का पर बांग्लादेश की मार মাল-বা-মালননফ্ষ্ীথীকীমন सजय कुमार | उत्पादन वर्ध कोमत ( पत क्वटल  भागलपुर। बांग्लादेश मं॰ बदले रिश्तों मे 2019-20 1J00- .500 हालात आर भारत क साथ आई खटास की मार बिहार के मक्का 2021-22 1,600- 800 2022-23 उत्पादक किसानो पर पडी ह। कोसी 1,800-2,000] और सोमांचल के करीब ७० फोसदो 2023-24 2,100-2,300 मक्का का निर्यात बाग्लादेश में होता  2024-25 2,400-2,700| रहा है।छह माह सेनिर्यत बंदहै। व्यापारियों के अनुसार।) নিকলনা মী মুহিকল  नताजतन , पिछल साल २७०० मकई की कीमत में गिरावट की GG लागत रुपये प्रति क्विंटल तक बिकने बाले जानकारी है।धान - गेहूं की तरह पैक्सों पीरपैती के किसान पप्पू यादव कहते हे कि मुनाफा छोडिए  मकक का अभा १८०० চপম সান के जरिए मकई की खरीदारी की योजना पर क्विटल क ःभाव सःभा खरादार नहा लागत नही निकल पा रही हे । यदि एक-दो साल ऐसे ही विभाग के स्तरसे चिंतन जारी हे सतीश कुमार  मिल रहे ह।जिन किसानों ने भाव हालात रहे तो खेती घाटे का सोदा होगी | मवका  | 93ل3 बढ़ने के इंतजार में मक्के को कोठियों " मिश्रा जिला सहकारिता पदाघिकारी भागलपुर।  करने वाला हर किसान बेहाल हा चुका हे। में भराथा. अववे उन्हें मवेशिया को लेकिन , मांग घटनेसेइससाल इसका " उधारी पर भी खरीद से मना कर दिया  खिला रहे ह कहना है॰कि॰सीमा पर तनाव और है। यिहार चबर ऑफ कॉमर्स एंड किसानोंकाकहनाहैकिमक्केका डॉलर को कमी क कारण यांग्लादेश भाव घटकरपाचसाल पहलकस्तर लरगपहूंचक्याकै ( बीसोसीआई ) ।मक्के मं कोडे लगने इंडस्ट्रीज  व्यापारो मक्का खरीदने मॅ कम रुचि भाव साल-्दर साल बढ़ रहा था। भी ठोकन्ठाक हो रही थो। क्यकि थोक कारोबारियों ने कार्यसमिति सदस्य अभिपेकजनका दिखा रहेहं। लग చ]  बिहार के मक्का पर बांग्लादेश की मार মাল-বা-মালননফ্ষ্ীথীকীমন सजय कुमार | उत्पादन वर्ध कोमत ( पत क्वटल  भागलपुर। बांग्लादेश मं॰ बदले रिश्तों मे 2019-20 1J00- .500 हालात आर भारत क साथ आई खटास की मार बिहार के मक्का 2021-22 1,600- 800 2022-23 उत्पादक किसानो पर पडी ह। कोसी 1,800-2,000] और सोमांचल के करीब ७० फोसदो 2023-24 2,100-2,300 मक्का का निर्यात बाग्लादेश में होता  2024-25 2,400-2,700| रहा है।छह माह सेनिर्यत बंदहै। व्यापारियों के अनुसार।) নিকলনা মী মুহিকল  नताजतन , पिछल साल २७०० मकई की कीमत में गिरावट की GG लागत रुपये प्रति क्विंटल तक बिकने बाले जानकारी है।धान - गेहूं की तरह पैक्सों पीरपैती के किसान पप्पू यादव कहते हे कि मुनाफा छोडिए  मकक का अभा १८०० চপম সান के जरिए मकई की खरीदारी की योजना पर क्विटल क ःभाव सःभा खरादार नहा लागत नही निकल पा रही हे । यदि एक-दो साल ऐसे ही विभाग के स्तरसे चिंतन जारी हे सतीश कुमार  मिल रहे ह।जिन किसानों ने भाव हालात रहे तो खेती घाटे का सोदा होगी | मवका  | 93ل3 बढ़ने के इंतजार में मक्के को कोठियों " मिश्रा जिला सहकारिता पदाघिकारी भागलपुर।  करने वाला हर किसान बेहाल हा चुका हे। में भराथा. अववे उन्हें मवेशिया को लेकिन , मांग घटनेसेइससाल इसका " उधारी पर भी खरीद से मना कर दिया  खिला रहे ह कहना है॰कि॰सीमा पर तनाव और है। यिहार चबर ऑफ कॉमर्स एंड किसानोंकाकहनाहैकिमक्केका डॉलर को कमी क कारण यांग्लादेश भाव घटकरपाचसाल पहलकस्तर लरगपहूंचक्याकै ( बीसोसीआई ) ।मक्के मं कोडे लगने इंडस्ट्रीज  व्यापारो मक्का खरीदने मॅ कम रुचि भाव साल-्दर साल बढ़ रहा था। भी ठोकन्ठाक हो रही थो। क्यकि थोक कारोबारियों ने कार्यसमिति सदस्य अभिपेकजनका दिखा रहेहं। लग చ] - ShareChat