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#🌻 सकारात्मक सोच #✍शायरी
🌻 सकारात्मक सोच - *बातों की मिठास* *अंदर का भेद नहीं खोलती, X *मोर को देख के कौन कह सकता है कि॰ *्ये साँप खाता होगा.. * *बातों की मिठास* *अंदर का भेद नहीं खोलती, X *मोर को देख के कौन कह सकता है कि॰ *्ये साँप खाता होगा.. * - ShareChat