ShareChat
click to see wallet page
search
#shayri #shayari
shayri - Deep line..! गए हम राहों में भटक मंजिल का ठिकाना नहीं था... ले गई जिंदगी उन राहों में जहाँ हमें जाना नहीं था॰ कुछ क़िस्मत की मेहरबानी कुछ हमारा कसूर था... हमने खो दिया सब कुछ वहां जहाँ कुछ पाना नहीं था...!! @ Deep line..! गए हम राहों में भटक मंजिल का ठिकाना नहीं था... ले गई जिंदगी उन राहों में जहाँ हमें जाना नहीं था॰ कुछ क़िस्मत की मेहरबानी कुछ हमारा कसूर था... हमने खो दिया सब कुछ वहां जहाँ कुछ पाना नहीं था...!! @ - ShareChat