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#😒दर्द भरी शायरी🌸 #😭दर्दभरी आँखे💔 #💔मरीज-ए-इश्क❤
😒दर्द भरी शायरी🌸 - 374' भी आते हैं और दर्द भी छुपाना पडता है ये जिंदगी है साहब यहां जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है। 374' भी आते हैं और दर्द भी छुपाना पडता है ये जिंदगी है साहब यहां जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है। - ShareChat