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#shayari #શાયરી
shayari - खुद को देखता हूँ तो तरस है , आता कि कोई इतना बदनसीब कैसे हो सकता है॰॰॰ ! खुद को देखता हूँ तो तरस है , आता कि कोई इतना बदनसीब कैसे हो सकता है॰॰॰ ! - ShareChat