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#😎मोटिवेशनल गुरु🤘 है तो मार्ग है एक वृद्ध किसान बहुत ही अस्वस्थ था, चिंताग्रस्त था | पोटैटो बोने क समय आ गया था लेकिन वृद्धावस्था के कारण श्रम करना उसे सभव नहीं था| उसे हर बार सहायत्ता करने वाला उसका पुत्र कारावास में सजा काट रहा था | अपनी चिंता से अवगत कराने उसने अपने बेटे को कारावास में चिठ्ठी भेजी | दो दिन बाद उसे पुत्र का टेलीग्राम मिला जिसमे लिखा था “ बाबा, कृपया खेत में मत जाईये , उसमे काम ना करे | वहां पर बंदूके तथा बारूद छिपाया है |” दुसरे दिन भोर प्रात:: सुरक्षाबल तथा पोलिस के लोग आये और उन्होंने पूरा खेत खोद निकाला | बंदूके न मिलनेपर वैसे ही वापिस चले गए | वृद्ध को बहुतही आश्चर्य हुवा| उसने सारा घटना क्रम लिखकर पुत्र को भेजा| दो तिन दिनोंके पश्चात् उसे पुत्र की चिठ्ठी मिली की, “ बाबा ! आप अभी निश्चिन्त हो आलू बोने का कम शुरू करे | मै यहां रहकर आपकी इतनी ही मदत कर पाया |”