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#✋भगवान भैरव🌸 #🌞 Good Morning🌞 #🌷शुभ रविवार
✋भगवान भैरव🌸 - ।।श्री कालभैरवाष्टकम्।। ।। श्री गणेशाय नमः ।। देवराजसेव्यमानपावनाघ्रिपंकजम् | व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखर कृपामरम् ।। नारदादियोगिवृंदवंदितं दिगंचरम् काशिकापुराधिनाथकालभरव भज ।।? ।] नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं न्रिलोचनम् ।। भानुकोटिभारवर भवाब्धितारंक परं कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरम् काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ।।२। श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम् ।। शूलकंटपाशदंडपाणिमादिकारणं भीमचिक्रमं प्रभुं विचित्त्रतांडवप्रियं काशिकापुराधिनाथकालभरव भजे ।।३।। भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम ।। भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहम विनिकणन्मनोजञहेमकिकिणीलसत्कटिम काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ।l४।। Ta कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं  धर्मसेतूपालकमधर्ममार्गनाशकम I काशिकापुराधिनाथकालभैरचं भजे ।।५।।  स्वर्णचर्णशेपपाशशोभितांगमंडलम | नित्यमव्दितीयमिष्टदैवतं निरंजनम ।। रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकम् मृत्युदर्पनाशनं करालदं्ट्रमोक्षणम काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे II६।। अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसंततिम दृष्टिपातनप्टपापजालमुग्रशासनम् ।। अरसिथ्यिदायक कपालमालिकंधरम काशिकापुराधिनाथकालभैरचं भजे ।।७।। काशिवासलोकपुण्यपापशोधकम विभुम  भतसंघनायकं विशालकीर्तीदायकम Il नीतीमार्गकोविदं पुरातनं जगत्पतिम काशिकापुराधिनायकालभरवं भजे II८II কালমনোচক পঠনি যর সনাচসে ज्ञानमुक्तिसाधनं चिचित्रपुण्यवर्धनम् ।१ प्रयान्ति कालभैरचांघिसन्निधि नरा ध्रुवम् II९II शोकमोहदन्यलोभकोपतानाशनम I। इति श्रीमत् शंकराचार्यविरचितं कालभैरवाष्टकंमसंपूर्णम् ।। ।।श्री कालभैरवाष्टकम्।। ।। श्री गणेशाय नमः ।। देवराजसेव्यमानपावनाघ्रिपंकजम् | व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखर कृपामरम् ।। नारदादियोगिवृंदवंदितं दिगंचरम् काशिकापुराधिनाथकालभरव भज ।।? ।] नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं न्रिलोचनम् ।। भानुकोटिभारवर भवाब्धितारंक परं कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरम् काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ।।२। श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम् ।। शूलकंटपाशदंडपाणिमादिकारणं भीमचिक्रमं प्रभुं विचित्त्रतांडवप्रियं काशिकापुराधिनाथकालभरव भजे ।।३।। भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम ।। भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहम विनिकणन्मनोजञहेमकिकिणीलसत्कटिम काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ।l४।। Ta कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं  धर्मसेतूपालकमधर्ममार्गनाशकम I काशिकापुराधिनाथकालभैरचं भजे ।।५।।  स्वर्णचर्णशेपपाशशोभितांगमंडलम | नित्यमव्दितीयमिष्टदैवतं निरंजनम ।। रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकम् मृत्युदर्पनाशनं करालदं्ट्रमोक्षणम काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे II६।। अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसंततिम दृष्टिपातनप्टपापजालमुग्रशासनम् ।। अरसिथ्यिदायक कपालमालिकंधरम काशिकापुराधिनाथकालभैरचं भजे ।।७।। काशिवासलोकपुण्यपापशोधकम विभुम  भतसंघनायकं विशालकीर्तीदायकम Il नीतीमार्गकोविदं पुरातनं जगत्पतिम काशिकापुराधिनायकालभरवं भजे II८II কালমনোচক পঠনি যর সনাচসে ज्ञानमुक्तिसाधनं चिचित्रपुण्यवर्धनम् ।१ प्रयान्ति कालभैरचांघिसन्निधि नरा ध्रुवम् II९II शोकमोहदन्यलोभकोपतानाशनम I। इति श्रीमत् शंकराचार्यविरचितं कालभैरवाष्टकंमसंपूर्णम् ।। - ShareChat