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#📖 कविता और कोट्स✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #🥰Express Emotion
📖 कविता और कोट्स✒️ - तुम से बिछड़ कर बिछड़   कर भी तुम्हारे हैं। तुमसे हम तो इक नदी के दो किनारे हैं। तंहाई में घुट के मर ही जाते हम, अच्छा है साथ यादों के सहारे हैं। हंसते मुस्कुराते तुमसे है बतियाते , अबतो दीवानों से हाल हमारे हैं। चाँद में देखा कभी तारों में ढूंढा, ना पूछ कैसे हमने   दिन गुज़ारे हैं। ये फ़िज़ा ये हवा ये मौसम ये घटा, मेरे साथ सभी तेरा नाम पुकारे हैं। सुन के इनकी पुकार चले आओ, मेरी सुनो ऐसे नसीब कहां हमारे हैं। तुम से बिछड़ कर बिछड़   कर भी तुम्हारे हैं। तुमसे हम तो इक नदी के दो किनारे हैं। तंहाई में घुट के मर ही जाते हम, अच्छा है साथ यादों के सहारे हैं। हंसते मुस्कुराते तुमसे है बतियाते , अबतो दीवानों से हाल हमारे हैं। चाँद में देखा कभी तारों में ढूंढा, ना पूछ कैसे हमने   दिन गुज़ारे हैं। ये फ़िज़ा ये हवा ये मौसम ये घटा, मेरे साथ सभी तेरा नाम पुकारे हैं। सुन के इनकी पुकार चले आओ, मेरी सुनो ऐसे नसीब कहां हमारे हैं। - ShareChat