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#🖋ग़ालिब की शायरी #😜Attitude शायर #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #📖 कविता और कोट्स✒️ #📽️रविवार शायरी✍️
🖋ग़ालिब की शायरी - मैंने खिड़कियाँ बंद रखी थीं, দিহ ৪fী নু मेरे कमरे में रही... मेरे हिस्से की हवा बनकर ঘুমনী 317 # अपने ही कमरे में तुझे ढूँढता रहा... मैंने खिड़कियाँ बंद रखी थीं, দিহ ৪fী নু मेरे कमरे में रही... मेरे हिस्से की हवा बनकर ঘুমনী 317 # अपने ही कमरे में तुझे ढूँढता रहा... - ShareChat