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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲 इबादत #कुरान और हदीस
❤️अस्सलामु अलैकुम - रमजान से पहले ये ज़रूर पढ़़ें ? एक बार हजरत मूसा अलैहि सलाम ने अल्लाह से पूछा? या अल्लाह जितना मैं तेरे क़रीब हूं॰तुम से बात कर सकता हूं॰इतना और कोई क़रीब है? तो अल्लाह ताला ने फरमायाः ऐ मूसा!आखरी वक़्त में एक मेरे हबीब की उम्मत होगी, और उस उम्मत को एक महीना ऐसा मिलेगा के,जिसमें वो सूखे होंठ,प्यासी ज़बान सूजी हुई आंखे, d पेट 9 9 जब इफ़्तार करने बैठेंगे तब मैं उनके बहुत क़रीब और मेरे दरमियान ७० पर्दों होऊंगा ऐ मूसा तुम्हारे का फासला है लेकिन इफ़्तार के वक़्त उस उम्मत और मेरे दरमियान एक पर्दे का फासला भी नहीं होगा, और जो दुआ वो मांगेंगे उसे क़ुबूल करना मेरी जिम्मेदारी होगी सुभानल्लाह,अगर मेरे बंदों को मालूम होता के रमज़ान क्या है॰तो सब तमन्ना करते के काश पूरा साल रमज़ान ही हो " रमजान से पहले ये ज़रूर पढ़़ें ? एक बार हजरत मूसा अलैहि सलाम ने अल्लाह से पूछा? या अल्लाह जितना मैं तेरे क़रीब हूं॰तुम से बात कर सकता हूं॰इतना और कोई क़रीब है? तो अल्लाह ताला ने फरमायाः ऐ मूसा!आखरी वक़्त में एक मेरे हबीब की उम्मत होगी, और उस उम्मत को एक महीना ऐसा मिलेगा के,जिसमें वो सूखे होंठ,प्यासी ज़बान सूजी हुई आंखे, d पेट 9 9 जब इफ़्तार करने बैठेंगे तब मैं उनके बहुत क़रीब और मेरे दरमियान ७० पर्दों होऊंगा ऐ मूसा तुम्हारे का फासला है लेकिन इफ़्तार के वक़्त उस उम्मत और मेरे दरमियान एक पर्दे का फासला भी नहीं होगा, और जो दुआ वो मांगेंगे उसे क़ुबूल करना मेरी जिम्मेदारी होगी सुभानल्लाह,अगर मेरे बंदों को मालूम होता के रमज़ान क्या है॰तो सब तमन्ना करते के काश पूरा साल रमज़ान ही हो " - ShareChat