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#GodMorningSaturday #सत_भक्ति_संदेश काल द्वारा माया (दुर्गा) से उत्पन्न ब्रह्मा, विष्णु और शिव अनेक अवतार लेते हैं। जीव उन्हें सृष्टि-कर्ता मानकर पूजते हैं, परंतु उनके अवतार भी कर्मों के अनुसार जन्म-मरण के बंधन में बंधे रहते हैं। वास्तविक मोक्ष केवल परमात्मा की भक्ति से मिलता है। ##sant rampal ji maharaj
#sant rampal ji maharaj - गरीब , अनन्त कोटि अवतार है, गोविंद। माया के कर्ता हो हो कर अवतरे , बहुर पडे़.जम फन्द I भावार्थ काल द्वारा माया यानि दुर्गा से उत्पन्न ಡ್, श्री ब्रह्मा तथा शिव जी श्री रूपी गोविंद यानि प्रभु असँख्यों अवतार रूप में जन्म ले चुके हैं।  पृथ्वी ऊपर भोले जीव उनको सर्व के कर्ता मानते हैं। परंतु वे अपना अवतार समय पूरा करके कर्मों के अनुसार जन्म-्मरण चक्र में बँधकर जन्मते -मरते हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl 0 @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ गरीब , अनन्त कोटि अवतार है, गोविंद। माया के कर्ता हो हो कर अवतरे , बहुर पडे़.जम फन्द I भावार्थ काल द्वारा माया यानि दुर्गा से उत्पन्न ಡ್, श्री ब्रह्मा तथा शिव जी श्री रूपी गोविंद यानि प्रभु असँख्यों अवतार रूप में जन्म ले चुके हैं।  पृथ्वी ऊपर भोले जीव उनको सर्व के कर्ता मानते हैं। परंतु वे अपना अवतार समय पूरा करके कर्मों के अनुसार जन्म-्मरण चक्र में बँधकर जन्मते -मरते हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl 0 @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat