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#✍मिर्झा गालिब शायरी #💔जख्मी दिल #💔प्रेम की यातना #💔अधूर प्रेम #💔Fake Love
✍मिर्झा गालिब शायरी - किसी ने थोड़ा सा अपना वक़्त दिया था मुझे. मैंने आज तक उसे इश्क़ समझ कर सम्भाल रखा है किसी ने थोड़ा सा अपना वक़्त दिया था मुझे. मैंने आज तक उसे इश्क़ समझ कर सम्भाल रखा है - ShareChat