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#points to ponder #सोचने वाली बात #Quran and We #islam guide us in every field of life #*let us understand our religion
points to ponder - ICSSgC )OuISCI आयत ७६:१ को टिप्पणी "अल-इंसान" (JLaixl) का सामान्य अर्थ मानव किया जाता है, लेकिन इसका मूल शब्द "अनिसा" (८al) है, जिसका अर्थ है स्नेही होना, परिचित होना, सामाजिक होना, घनिष्ठ संबंध रखना।*और " अनसा" (Ji) का अर्थ है॰मित्रवत होना, सौम्य होना, कोमल भावनाओं वाला होना, अच्छे शिष्टाचार वाला होना, और चीज़ों को समझने वाला होना। यहाँ ऐसे प्राणी का उल्लेख है जिसमें ये सभी गुण मौजूद हैं। आयत में आया शब्द *" हल" (Jb) यहाँ सामान्य *प्रश्न नहीं है, बल्कि इसका अर्थ "क़द" (७७) के समान है जिससे यह बताया गया है कि इंसान के पैदा होने से पहले एक बहुत लंबा, अनंतनसा समय बीत चुका था। 5/2/26 ICSSgC )OuISCI आयत ७६:१ को टिप्पणी "अल-इंसान" (JLaixl) का सामान्य अर्थ मानव किया जाता है, लेकिन इसका मूल शब्द "अनिसा" (८al) है, जिसका अर्थ है स्नेही होना, परिचित होना, सामाजिक होना, घनिष्ठ संबंध रखना।*और " अनसा" (Ji) का अर्थ है॰मित्रवत होना, सौम्य होना, कोमल भावनाओं वाला होना, अच्छे शिष्टाचार वाला होना, और चीज़ों को समझने वाला होना। यहाँ ऐसे प्राणी का उल्लेख है जिसमें ये सभी गुण मौजूद हैं। आयत में आया शब्द *" हल" (Jb) यहाँ सामान्य *प्रश्न नहीं है, बल्कि इसका अर्थ "क़द" (७७) के समान है जिससे यह बताया गया है कि इंसान के पैदा होने से पहले एक बहुत लंबा, अनंतनसा समय बीत चुका था। 5/2/26 - ShareChat