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#🥰प्रेम कविता📝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩
🥰प्रेम कविता📝 - दीदार की तलब लगी है. अब शेरो-शायरी न फरमाया जाए, ये आंखें बेक़रार हैं साहब... बस महबूब को बुलाया जाए..! ! दीदार की तलब लगी है. अब शेरो-शायरी न फरमाया जाए, ये आंखें बेक़रार हैं साहब... बस महबूब को बुलाया जाए..! ! - ShareChat