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#❤#Dil_Se_Dil_Ki_Baat❤ ❤#दिल_से_दिल_की_बात❤ ##mohammad_ibraheem_sultan_mirza ##क़ुरआन_और_हदीस_की_रौशनी_में #🕌नमाज़ फ़र्ज़ है आओ नमाज़ कायम करे 🕋 ##Molana_Tariq_jameel_Bayan
❤#Dil_Se_Dil_Ki_Baat❤ ❤#दिल_से_दिल_की_बात❤ - हज़रत इब्ने अब्बास रज़ि अल्लाह अन्हु बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने सदक़ा फ़ित्र को फ़र्ज़ क़रार दिया ताकि रोज़े के लिये फ़ुज़ूल और बेकार और बेहूदा अक़वाल और कामों से पाकीज़गी हो जाए और मिसकीनों को खाना हासिल हो चुनांचे जिसने उसे नमाज़े ( ईद ) से पहले पहले अदा कर दिया तो ये ऐसी ज़कात है जो क़बूल कर ली गई और जिसने उसे नमाज़ के बाद अदा किया तो ये आम सदक़े में से एक सदक़ा है अबु दाऊद १६०९ सहीह हज़रत इब्ने अब्बास रज़ि अल्लाह अन्हु बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने सदक़ा फ़ित्र को फ़र्ज़ क़रार दिया ताकि रोज़े के लिये फ़ुज़ूल और बेकार और बेहूदा अक़वाल और कामों से पाकीज़गी हो जाए और मिसकीनों को खाना हासिल हो चुनांचे जिसने उसे नमाज़े ( ईद ) से पहले पहले अदा कर दिया तो ये ऐसी ज़कात है जो क़बूल कर ली गई और जिसने उसे नमाज़ के बाद अदा किया तो ये आम सदक़े में से एक सदक़ा है अबु दाऊद १६०९ सहीह - ShareChat