महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी
ठाकुर रोशन सिंह
(22 जनवरी 1892-19 दिसंबर 1927)
जयंती पर सादर नमन
वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया।
वे मशहूर क्रांतिकारी संगठन 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के एक सक्रिय सदस्य थे।
रोशन सिंह जी एक कुशल निशानेबाज थे और उन्होंने कई क्रांतिकारियों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया था।
उन्होंने साल 1925 के ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन डकैती (Kakori Train Action) मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। काकोरी कांड से पहले वे 'बमरौली डकैती' मामले में भी शामिल थे, जिसके बाद ब्रिटिश पुलिस उनके पीछे पड़ गई थी। ब्रिटिश सरकार ने काकोरी कांड के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया और उन पर मुकदमा चलाकर मौत की सजा सुनाई। 19 दिसंबर 1927 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की मलाका जेल में उन्हें हँसते-हँसते फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया। फांसी से पहले उन्होंने अपने परिवार को लिखे पत्र में गर्व के साथ कहा था कि वे देश के लिए बलिदान देकर अमर हो रहे हैं। ठाकुर रोशन सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान की यह तिकड़ी भारतीय इतिहास में हिंदू-मुस्लिम एकता और अटूट वीरता की प्रतीक मानी जाती है।। 🙏🙏
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