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#📖Whatsapp शायरी
📖Whatsapp शायरी - ००० रिश्तानहीचलता ००० को धोखा देते है। जो लोग दूसरों उन्हें लगता है कि वो बहुत समझदार हैं। लेकिन असल में वो अपनी जिंदगी में। ज़हर घोल रहे होते है। झूठ चालाकी। और धोखे से कोई भी रिश्ता नहीं चलता। वो बस वक्त के साथ सड़ जाता हैं। एक सच्चा इंसान गिरकर भी उठ जाता हैं। क्योंकि उसके दिल में सच्चाई होती है। लेकिन धोखेबाज चाहे जितना हंसे। उसके अंदर की खामोशी उसे रोज काटती है याद रखना- धोखा देकर कोई कभी खुश। नहीं रह सकता, क्योंकि कर्मों का हिसाब। देर से ही सही , पर बहुत सटीक होता हैं। ००० रिश्तानहीचलता ००० को धोखा देते है। जो लोग दूसरों उन्हें लगता है कि वो बहुत समझदार हैं। लेकिन असल में वो अपनी जिंदगी में। ज़हर घोल रहे होते है। झूठ चालाकी। और धोखे से कोई भी रिश्ता नहीं चलता। वो बस वक्त के साथ सड़ जाता हैं। एक सच्चा इंसान गिरकर भी उठ जाता हैं। क्योंकि उसके दिल में सच्चाई होती है। लेकिन धोखेबाज चाहे जितना हंसे। उसके अंदर की खामोशी उसे रोज काटती है याद रखना- धोखा देकर कोई कभी खुश। नहीं रह सकता, क्योंकि कर्मों का हिसाब। देर से ही सही , पर बहुत सटीक होता हैं। - ShareChat