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#गोविंद द्वादशी नरसिंह द्वादशी #गोविंद द्वादशी व्रत
गोविंद द्वादशी नरसिंह द्वादशी - 0 28 नरसिह द्वाद्शी FEB मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नरसिंह ; का पर्व मनाया जाता है। द्वादशी i फाल्गुन faw' नरसिंह से जुड़ी है॰ जो भगवान के चौथे अवतार माने जाते हैं। यह तिथि भगवान पौराणिक कथा के अनुसार उन्होने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए असुर राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था। उनका स्वरूप आधा मनुष्य और आधा  सिंह का था। यह अवतार इस सत्य का प्रतीक है कि जब जब धर्म पर संकट आता है॰ तब ईश्वर स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। इस वर्ष यह पर्व शनिवार, २८ फरवरी २०२६ को पड़ेगा | व्रत तिथि २७ फरवरी रात से प्रारंभ होकर २८ फरवरी शाम रहेगी , इसलिए मुख्य व्रत २८ फरवरी को रखा जाता है। 0 28 नरसिह द्वाद्शी FEB मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नरसिंह ; का पर्व मनाया जाता है। द्वादशी i फाल्गुन faw' नरसिंह से जुड़ी है॰ जो भगवान के चौथे अवतार माने जाते हैं। यह तिथि भगवान पौराणिक कथा के अनुसार उन्होने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए असुर राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था। उनका स्वरूप आधा मनुष्य और आधा  सिंह का था। यह अवतार इस सत्य का प्रतीक है कि जब जब धर्म पर संकट आता है॰ तब ईश्वर स्वयं अपने भक्तों की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। इस वर्ष यह पर्व शनिवार, २८ फरवरी २०२६ को पड़ेगा | व्रत तिथि २७ फरवरी रात से प्रारंभ होकर २८ फरवरी शाम रहेगी , इसलिए मुख्य व्रत २८ फरवरी को रखा जाता है। - ShareChat