ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - जैसे घर का जो मुखिया होता है वो गलत करे तो खामियाजा पूरे परिवार ओर आने वाली पीढ़ी उसका को बोझ ढोना होता है वैसे ही जब देश चलाने वाले गलती करते है उसका खामियाजा आम इंसान को भुगतना पडता है जिसका भुगतान जो युद्ध में मासूम बच्चों औरत आदमी बूढ़ों को अपनी जान गवानी पड़ रही है इसलिए इंसान को किसी भी मुखिया लीडर की जरूरत नहीं अपने फैसले खुद लो ,इसका अधिकार न किसी अदालत पुलिस को न दो सरकार जैसे घर का जो मुखिया होता है वो गलत करे तो खामियाजा पूरे परिवार ओर आने वाली पीढ़ी उसका को बोझ ढोना होता है वैसे ही जब देश चलाने वाले गलती करते है उसका खामियाजा आम इंसान को भुगतना पडता है जिसका भुगतान जो युद्ध में मासूम बच्चों औरत आदमी बूढ़ों को अपनी जान गवानी पड़ रही है इसलिए इंसान को किसी भी मुखिया लीडर की जरूरत नहीं अपने फैसले खुद लो ,इसका अधिकार न किसी अदालत पुलिस को न दो सरकार - ShareChat