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🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 मैने उसे देखा ___ न किसी आसमान की ऊँचाई में, न किसी मन्दिर की मूर्ति में, बल्कि एक साधारण मनुष्य के भीतर, जहाँ धैर्य ने गुस्से को हरा दिया। वो नहीं झुकता किसी लाभ के आगे, न बोलता, जब सब चिल्ला रहे होते हैं, बस खड़ा रहता __स्थिर,निर्विकार, जैसे तूफ़ान के बीच कोई दीपक जलता हो। उसकी आँखों में कोई युद्ध नहीं, सिर्फ़ एक शान्त भरोसा है __समय भी, झुकेगा कभी उसके सत्य के आगे। तब जाना मैंने, ईश्वर आकाश में नहीं बसते, कभी - कभी वे इन्सान बन कर, धैर्य और संतुलन की तरह खड़े रहते हैं। 🙏 सुप्रभात 🙏 #🌞 Good Morning🌞