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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - सब कर्मो का खेल है लोटकर ज़रूर आएगा. तुम्हे रुला रहा है उसे जा आज कल कोई और रुलाएगा !! सब कर्मो का खेल है लोटकर ज़रूर आएगा. तुम्हे रुला रहा है उसे जा आज कल कोई और रुलाएगा !! - ShareChat