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#समाज सेवा - हमारी एकता हमारी पहचान #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏गुरु महिमा😇
समाज सेवा - हमारी एकता हमारी पहचान - अंतिम सत्य, 0 १- निर्वस्त्र आए थे, निर्वस्त्र ही जायेंगे , २- कमजोर आए थे, कमजोर ही जायेंगे , ३- बिना धन संपदा के आए थे, बिना धन संपदा के ही जायेंगे , ४- पहला स्नान भी हमने स्वयं नहीं किया था, अंतिम स्नान भी हम स्वयं नहीं कर पाएंगे , इसलिए जीवन में सत्कर्म और संस्कार ही संचित करो जो अंत तक साथ रहेंगे , , तुम्हारे अंतिम सत्य, 0 १- निर्वस्त्र आए थे, निर्वस्त्र ही जायेंगे , २- कमजोर आए थे, कमजोर ही जायेंगे , ३- बिना धन संपदा के आए थे, बिना धन संपदा के ही जायेंगे , ४- पहला स्नान भी हमने स्वयं नहीं किया था, अंतिम स्नान भी हम स्वयं नहीं कर पाएंगे , इसलिए जीवन में सत्कर्म और संस्कार ही संचित करो जो अंत तक साथ रहेंगे , , तुम्हारे - ShareChat