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#✨उर्दू शायरी #😞बेवफा शायरी #बेहतरीन उर्दू शायरी✍️ #💔ब्रेकअप शायरी✍ #🖋ग़ालिब की शायरी
✨उर्दू शायरी - WITHTK05 साथ देने का दिलाया था भरोसा तू ने और फिर छोड़ दिया मुझ को अकेला तू ने अपनी मर्ज़ी से मुझे छोड़ के जाने वाले मेरी मर्ज़ी को कहाँ छोड़ दियाा था ढूने हाए अफ़सोस तुझे अब भी ये मालूम नहीं ज़िंदगी मेरी बना दी है तमाशा तू ने जैसे ्तैसे मैं बिना रोए चला जाता मगर किस लिए देख लिया मुड़ के द्रुबारा तूने बात रुख़्सार की होती तो कोई बात न थी आज तो रूह पे मारा है तमाँचा तूने withtko5 WITHTK05 साथ देने का दिलाया था भरोसा तू ने और फिर छोड़ दिया मुझ को अकेला तू ने अपनी मर्ज़ी से मुझे छोड़ के जाने वाले मेरी मर्ज़ी को कहाँ छोड़ दियाा था ढूने हाए अफ़सोस तुझे अब भी ये मालूम नहीं ज़िंदगी मेरी बना दी है तमाशा तू ने जैसे ्तैसे मैं बिना रोए चला जाता मगर किस लिए देख लिया मुड़ के द्रुबारा तूने बात रुख़्सार की होती तो कोई बात न थी आज तो रूह पे मारा है तमाँचा तूने withtko5 - ShareChat