#GodMorningMonday
धर्म
पारख के अंग की वाणी 1183-1186
गरीब, धरम धसकत है नहीं, धसकें तीनूं लोक। खैरायत में खैर है, कीजै आत्म पोष ।।
धर्म कभी नष्ट नहीं होता।
तीनों लोक नष्ट हो जाते हैं। (खैरायत) दान-धर्म
करने से (खैर) बचाव है। इसलिए धर्म-भण्डारा
(लंगर) करके धर्म करना चाहिए। #jagatguru santrampal ji mahraj


