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#GodMorningMonday धर्म पारख के अंग की वाणी 1183-1186 गरीब, धरम धसकत है नहीं, धसकें तीनूं लोक। खैरायत में खैर है, कीजै आत्म पोष ।। धर्म कभी नष्ट नहीं होता। तीनों लोक नष्ट हो जाते हैं। (खैरायत) दान-धर्म करने से (खैर) बचाव है। इसलिए धर्म-भण्डारा (लंगर) करके धर्म करना चाहिए। #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - ర पारख के अंग की वाणी ११८३-११८६ धरम धसकत है नहीं, धसकैं तीनूं लोक। गरीब , खैरायत में खैर है॰ कीजै आत्म पोष। | धर्म कभी नष्ट नहीं होता। तीनों लोक नष्ट हा जाते हैें। (खैरायत ) दान-्धर्म करने से (खैर ) बचाव है। इसलिए धर्म -भण्डारा (लंगर ) करके धर्म करना चाहिए। बंदीछोड़ सतगरू रामपाल जी महाराज 1 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGOD.ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ ర पारख के अंग की वाणी ११८३-११८६ धरम धसकत है नहीं, धसकैं तीनूं लोक। गरीब , खैरायत में खैर है॰ कीजै आत्म पोष। | धर्म कभी नष्ट नहीं होता। तीनों लोक नष्ट हा जाते हैें। (खैरायत ) दान-्धर्म करने से (खैर ) बचाव है। इसलिए धर्म -भण्डारा (लंगर ) करके धर्म करना चाहिए। बंदीछोड़ सतगरू रामपाल जी महाराज 1 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji SUPREMEGOD.ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat