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श्रीमद् भागवत गीता #श्रीमद् भागवत गीता
श्रीमद् भागवत गीता - श्रीमद भागवत गीता शरीर एक रथ है और इंद्रियां इसके घोड़े , अगर मन की लगाम ढीली छोड़ी , तो रास्ता भटकना तय है, बुद्धि को सारथी बनाओ , तभी जीवन का रथ सही मंजिल तक पहुँच पाएगा , वेग से ज्यादा दिशा मायने रखती है, Ta<w43+ 4 dr 8 सही जगह रुक जाना, जिसका मन उसके काबू में है, लिए सफलता कोई बड़ी बात नहीं , ತಳಾ श्रीमद भागवत गीता शरीर एक रथ है और इंद्रियां इसके घोड़े , अगर मन की लगाम ढीली छोड़ी , तो रास्ता भटकना तय है, बुद्धि को सारथी बनाओ , तभी जीवन का रथ सही मंजिल तक पहुँच पाएगा , वेग से ज्यादा दिशा मायने रखती है, Ta<w43+ 4 dr 8 सही जगह रुक जाना, जिसका मन उसके काबू में है, लिए सफलता कोई बड़ी बात नहीं , ತಳಾ - ShareChat