ShareChat
click to see wallet page
search
#santrampalji mahrajji #गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया बिना भक्ति के कोई भी स्थान मोक्ष नहीं दे सकता, चाहे वह काशी ही क्यों न हो। करौंत को स्वर्ग का मार्ग बताना अंधविश्वास फैलाने की चाल थी। पाखंडवाद की जड़ ब्राह्मण है। शास्त्र विरुद्ध साधना करवाकर अनगिनत लोगों को भूत प्रेत बना दिया। God Kabir Nirvan Diwas
santrampalji mahrajji - करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | कोटि ग्रंथ का योहि अर्थ है करो साध सत्संग रे ।। कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी কিন্তু यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कटवा दी मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का परमात्मा ने का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। इसी करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | कोटि ग्रंथ का योहि अर्थ है करो साध सत्संग रे ।। कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी কিন্তু यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कटवा दी मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का परमात्मा ने का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। इसी - ShareChat