#✍मिर्झा गालिब शायरी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #✍गुलजारांचे साहित्य #Let's enjoy जिंदगी #😌sadness
जिंदगी का ये कैसा सफर है
आगे बढ़ती जाये ना इसमे रिवर्स गियर है
जाने कल क्या होगा हम बेख़बर है
आये दिन यहा नया कुछ होने को है
हज़ारों मिलते यहा लोग बिछड़ने को है
लाख बहाने करके जिसे रोका वही खोने को है
ख़फा दिल भी हमारा अब रोने को है


