ShareChat
click to see wallet page
search
#✍मिर्झा गालिब शायरी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #✍गुलजारांचे साहित्य #Let's enjoy जिंदगी #😌sadness जिंदगी का ये कैसा सफर है आगे बढ़ती जाये ना इसमे रिवर्स गियर है जाने कल क्या होगा हम बेख़बर है आये दिन यहा नया कुछ होने को है हज़ारों मिलते यहा लोग बिछड़ने को है लाख बहाने करके जिसे रोका वही खोने को है ख़फा दिल भी हमारा अब रोने को है
✍मिर्झा गालिब शायरी - जिंदगी का ये कैसा सफर है आगे बढ़ती जाये ना इसमे रिवर्स गियर है जाने कल क्या होगा हम बेख़बर है आये दिन यहा नया कुछ होने को है मिलते यहा लोग बिछड़ने को है हज़ारों करके जिसे रोका वही खोने को है बहाने लाख ख़फा दिल भी हमारा अब रोने को है जिंदगी का ये कैसा सफर है आगे बढ़ती जाये ना इसमे रिवर्स गियर है जाने कल क्या होगा हम बेख़बर है आये दिन यहा नया कुछ होने को है मिलते यहा लोग बिछड़ने को है हज़ारों करके जिसे रोका वही खोने को है बहाने लाख ख़फा दिल भी हमारा अब रोने को है - ShareChat