ShareChat
click to see wallet page
search
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖Whatsapp शायरी #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - कैसे कहूं कि बस अंधेरा है पहले वाली रात नहीं होती सूखा पड़ा है Inbox महीनों से बात नहीं होती कैसे कहूं कि बस अंधेरा है पहले वाली रात नहीं होती सूखा पड़ा है Inbox महीनों से बात नहीं होती - ShareChat