ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार #Meri jindhgi
Meri jindhgi - उबलते हुए जिस तरह पानी में हम अपना प्रतिबिंब नहीं देखपाते हैं॰. उसो तरह क्रोध में जिंदगी यह नहीं समझ पाते हैंकि हमारी भलाई किस बात मैं हैं ओर किस बात मैं नहीं.. उबलते हुए जिस तरह पानी में हम अपना प्रतिबिंब नहीं देखपाते हैं॰. उसो तरह क्रोध में जिंदगी यह नहीं समझ पाते हैंकि हमारी भलाई किस बात मैं हैं ओर किस बात मैं नहीं.. - ShareChat