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#📒 मेरी डायरी #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
📒 मेरी डायरी - वक्त और पैसा रिश्तों की डोर अब सिक्कों से बाँधी जाती है, जहाँ फायदा न हो, वहाँ वफ़ा भी हार ডনী ;I वक्त बुरा हो तो परछाई भी साथ छोड़ देती है, ये दुनिया है, यहाँ इंसान की नहीं, उसकी दौलत की कद्र की जाती है। वक्त और पैसा रिश्तों की डोर अब सिक्कों से बाँधी जाती है, जहाँ फायदा न हो, वहाँ वफ़ा भी हार ডনী ;I वक्त बुरा हो तो परछाई भी साथ छोड़ देती है, ये दुनिया है, यहाँ इंसान की नहीं, उसकी दौलत की कद्र की जाती है। - ShareChat