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🌹बिना पंख के खग यथा🌼 🏹मणि बिनु फणि की रीत 🌼 🌹लखन बिना मम हाल है🌼 🏹हार गया सब जीत🌼 🛕🪔🛕🪔🛕🪔🛕🪔🛕🪔🛕🪔🛕🪔🛕 प्रथम दोहे का अर्थ: श्री राम कहते हैं कि हे लक्ष्मण! जिस प्रकार बिना पंखों के पक्षी (खग) लाचार हो जाता है और मणि के बिना साँप (फणि) अपनी शक्ति और अस्तित्व खो देता है, तुम्हारे बिना मेरी दशा भी वैसी ही असहाय हो गई है। द्वितीय दोहे का अर्थ: जब मैं अयोध्या वापस जाऊँगा और माता कौशल्या मुझसे पूछेंगी कि मेरे प्राणों के आधार मेरा छोटा भाई (अनुज) कहाँ है, तो मैं उन्हें क्या मुँह दिखाऊँगा? मैं इस अपराधबोध और ग्लानि के भारी बोझ को सहन नहीं कर पाऊँगा। 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 प्रभु श्रीराम, जनकनंदिनी माता सीता, एवं माँ अंजनि के लाल,वीर महावीर, पवन पुत्र, भक्त सीरोमण श्री हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद व दया दृष्टि सभी भक्तजनों एवं उनके परिवार पर बनी रहे, 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो, 🌞जय श्री राम🏹🌹🚩🚩🚩 📍जयजय हनुमानजी महाराज 🙏🚩🚩🚩 🌿जय हो सुडसर धाम की 🙏🚩🚩🚩 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 #ॐ #जय #ॐनमःशिवाय #जयमातादी #जय_श्री_राम #राम #ॐ_हं_हनुमंते_नमः #hanuman #bhakti #मंगलवार #शनिवार #सनातन # #सुबह #सुप्रभात 🌹🙏#श्रीराम_मोहता का #राम_राम_सा 🙏🌹 @everyone #श्रीराम_मोहता🌹🙏
श्रीराम_मोहता🌹🙏 - [ দুষ্টঘী কম্ঁ; बिना पंख के खग यथा, TTT मणि बिनु फणि की रीत। अनुज प्राण आधार? उत्तर मैं दूँगा तब, लखन बिना मम हाल है, क्या हार गया सब जीत।। सह न सकूँ यह भार।। [ দুষ্টঘী কম্ঁ; बिना पंख के खग यथा, TTT मणि बिनु फणि की रीत। अनुज प्राण आधार? उत्तर मैं दूँगा तब, लखन बिना मम हाल है, क्या हार गया सब जीत।। सह न सकूँ यह भार।। - ShareChat