ShareChat
click to see wallet page
search
#भगवत गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓
भगवत गीता - अदृष्टपूर्वं हृषितोडस्मि दृष्ट्वा भयेन च प्रव्यथितं मनो मे। तदेव मे दर्शय देवरूॅपप्रसीद देवेश जिगन्निवास।। मैं पहले न देखे हए आपक इस आश्चर्यमय रूपको देखकर हर्षित हो रहा हँ और मेरा मन भय सेअति व्याकुल भीहो रहा आप उस अपने चतुर्भुज विष्णु रूप कोहीमुरझे इसलए दिखलाइए हेदेवेश! ugalri प्रसन्न हइए ||45|| al: dd विराट रूप के दर्शन से प्रभावित हो कर वह अत्यंत् और विस्मितहा यह अन्द्रृत दृश्य उसक लिएपू्रीतरह नया और अनदेखा जोउसे अत्यधिक आनंदित करता है लेकिन विराट रूपकी भव्यता और विराटता सेउत्पन्न भय और असहजता कि कारण उसका मन च्याकुल हो गया हैl अर्जुन इस स्थिति मे भगवान से प्रार्थना करता है किचह अपने विराट रूप कोत्याग कर अपने सामान्य और मानवीय रूप में प्रकट हाउसकी यह प्रार्थना इस बात का संकेत हैकिचह भगवानको वास्तविकता और सौम्यता को अपने लिए अधिक स्वीकार्य मानता है जिसस कि चह शतिपूर्वक युद्धकी स्थिति को समझ सको अर्जुन की यह भावनाएँ हिर्मे यहे भा सिखाती हैं कि दिव्य और अलौकिक रूप क दर्शन सेच्यक्ति को शाति और संतूलन और वास्तविकता के प्रति बनाए खखना कठिन हो सकता उसकीो अपेक्षाएँ सिरल औरसाधारण हो सकती है। अदृष्टपूर्वं हृषितोडस्मि दृष्ट्वा भयेन च प्रव्यथितं मनो मे। तदेव मे दर्शय देवरूॅपप्रसीद देवेश जिगन्निवास।। मैं पहले न देखे हए आपक इस आश्चर्यमय रूपको देखकर हर्षित हो रहा हँ और मेरा मन भय सेअति व्याकुल भीहो रहा आप उस अपने चतुर्भुज विष्णु रूप कोहीमुरझे इसलए दिखलाइए हेदेवेश! ugalri प्रसन्न हइए ||45|| al: dd विराट रूप के दर्शन से प्रभावित हो कर वह अत्यंत् और विस्मितहा यह अन्द्रृत दृश्य उसक लिएपू्रीतरह नया और अनदेखा जोउसे अत्यधिक आनंदित करता है लेकिन विराट रूपकी भव्यता और विराटता सेउत्पन्न भय और असहजता कि कारण उसका मन च्याकुल हो गया हैl अर्जुन इस स्थिति मे भगवान से प्रार्थना करता है किचह अपने विराट रूप कोत्याग कर अपने सामान्य और मानवीय रूप में प्रकट हाउसकी यह प्रार्थना इस बात का संकेत हैकिचह भगवानको वास्तविकता और सौम्यता को अपने लिए अधिक स्वीकार्य मानता है जिसस कि चह शतिपूर्वक युद्धकी स्थिति को समझ सको अर्जुन की यह भावनाएँ हिर्मे यहे भा सिखाती हैं कि दिव्य और अलौकिक रूप क दर्शन सेच्यक्ति को शाति और संतूलन और वास्तविकता के प्रति बनाए खखना कठिन हो सकता उसकीो अपेक्षाएँ सिरल औरसाधारण हो सकती है। - ShareChat