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#😒दर्द भरी शायरी🌸
😒दर्द भरी शायरी🌸 - की चाह में रोया कोई खुशियों ' की पनाह में रोया.. कोई दुखों अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का.. कोई भरोसे के लिए रोया.. कोई भरोसा कर के रोया.. की चाह में रोया कोई खुशियों ' की पनाह में रोया.. कोई दुखों अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का.. कोई भरोसे के लिए रोया.. कोई भरोसा कर के रोया.. - ShareChat