`गौमाता रुखा सुखा तृण (घास) खाकर अमृत रूपी गौदुग्ध प्रदान करती है,` गौवंश के आहार हेतु कलिकाल में गौधाम में सेवित गाय, नंदी को गौग्रास की अति आवश्यकता है, आप स्वयं और परिचित से खाखला दान होने की सूचना भिजवाएं, हम चारा परिवहन करके गौशाला पहुंचाएंगे।
#गौमहिमा