ShareChat
click to see wallet page
search
#शायराना अंदाज़
शायराना अंदाज़ - ये कैसी उम्र में आकर मिली हो तुम, बहोत जी चाहता है . फिर से बोऊ अपनी आंखें, ढेर से चेहरे उगाऊं, নতদ্কাই और बुलाऊँ बारिशों को.. बहुत जी है कि फुर्सत हो, तसब्बुर हो तसब्बुर में जरा सी बागवानी हो दिल ढूंढता है फिर वही के रात दिन फुर्सत etd by sanjay ये कैसी उम्र में आकर मिली हो तुम, बहोत जी चाहता है . फिर से बोऊ अपनी आंखें, ढेर से चेहरे उगाऊं, নতদ্কাই और बुलाऊँ बारिशों को.. बहुत जी है कि फुर्सत हो, तसब्बुर हो तसब्बुर में जरा सी बागवानी हो दिल ढूंढता है फिर वही के रात दिन फुर्सत etd by sanjay - ShareChat