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#मेरी डायरी
मेरी डायरी - किसी को तिनको की कदर नही, तो कोई तिनको से घर बना लेते है, फर्क सिर्फ नजरिए का है, किसी के लिए वो कचरा है, तो किसी और का आशियाना, भी पुल गिरती हुई दीवारों से हुनरमंद बना   लेते हैं, और नासमझ मजबूत नींव को भी खोखला कर देते हैं, कीमत उस मिट्टी की नहीं, उस हाथ की होती है जो उसे आकार देता है , किसी को तिनको की कदर नही, तो कोई तिनको से घर बना लेते है, फर्क सिर्फ नजरिए का है, किसी के लिए वो कचरा है, तो किसी और का आशियाना, भी पुल गिरती हुई दीवारों से हुनरमंद बना   लेते हैं, और नासमझ मजबूत नींव को भी खोखला कर देते हैं, कीमत उस मिट्टी की नहीं, उस हाथ की होती है जो उसे आकार देता है , - ShareChat