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#✍️ अनसुनी शायरी #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #👍 संदीप माहेश्वरी के विचार
✍️ अनसुनी शायरी - ३० की उम्र के बाद समझ आने वाले 7 कड़वे सच.. ! 0 माता पिता बूढ़े तो रहेऐः काम ओर करिपरके चवकर में उनके साथ समप चिताना न भूले। गोहमेशा आपके साय नही रहगे। ठिप्रिया अलमारी र्मे रह जानी हे॰ ज़िदगीर्ने आपका य्यवहार ओर आपकी पक्टिकल नोलेण भतल ही काम आती ह। सयदोस्तदोस्तनीं होतेः वक्त के साथ दोस्ती की भीड छंट जाती ७। चस १ २ सच्चे दोस्त ती काफीही 0 सेहन ही असती र्क ब्नैॅस हः अगर आपने ३० तक शरीर फा च्यान नर्ही रखानो ४० फे याद  irmim TFh7 Ffl पछताचा असफतता सेज्याया दर्दनाक र कोशिश करके हार जाना ठीक हे॰ लेकिन ' काश करलिपा होता जिंटगी भर उभता ह।  मदद कोर नही रेगाः  कोई अपनी जंग न३ रहा ३। खुद का सहारा खटयनना सीखो।   शाति, उत्साह से चेहतर हेः नेफिन समधदारीमे सिर्फ जवानीरने शोर जव्छा नगना எfgi ३० की उम्र के बाद समझ आने वाले 7 कड़वे सच.. ! 0 माता पिता बूढ़े तो रहेऐः काम ओर करिपरके चवकर में उनके साथ समप चिताना न भूले। गोहमेशा आपके साय नही रहगे। ठिप्रिया अलमारी र्मे रह जानी हे॰ ज़िदगीर्ने आपका य्यवहार ओर आपकी पक्टिकल नोलेण भतल ही काम आती ह। सयदोस्तदोस्तनीं होतेः वक्त के साथ दोस्ती की भीड छंट जाती ७। चस १ २ सच्चे दोस्त ती काफीही 0 सेहन ही असती र्क ब्नैॅस हः अगर आपने ३० तक शरीर फा च्यान नर्ही रखानो ४० फे याद  irmim TFh7 Ffl पछताचा असफतता सेज्याया दर्दनाक र कोशिश करके हार जाना ठीक हे॰ लेकिन ' काश करलिपा होता जिंटगी भर उभता ह।  मदद कोर नही रेगाः  कोई अपनी जंग न३ रहा ३। खुद का सहारा खटयनना सीखो।   शाति, उत्साह से चेहतर हेः नेफिन समधदारीमे सिर्फ जवानीरने शोर जव्छा नगना எfgi - ShareChat