ShareChat
click to see wallet page
search
#🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌞 Good Morning🌞 - श्लोक ७। | ( यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् II हे भारत! जब-जब धर्म की हानि भावार्थ और अधर्म की वृद्धि होती है, तबन्तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ Il श्लोक ७। | ( यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् II हे भारत! जब-जब धर्म की हानि भावार्थ और अधर्म की वृद्धि होती है, तबन्तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ Il - ShareChat