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#GodMorningFriday कबीर, प्रेम भक्ति में रचि रहे, मोक्ष मुक्ति फल पाय। शब्द माहि जब मिली रहै, नहि आबै नहि जाय।। कबीर साहेब जी कहते हैं कि जो प्रेम और भक्ति में रच-वस गया है उसे मुक्ति और मोक्ष का फल प्राप्त होता है। जो सद्‌गुरु के शब्दों-उपदेशों से घुल मिल गया हो उसका पुनः जन्म या मरण नहीं होता है! #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - SAILOKASHRAN Mundra भक्ति और मुक्ति कबीर , प्रेम भक्ति मे रचि रहे, मोक्ष मुक्ति फल पाय। शब्द माहि जब मिली रहै, नहि आबै नहि जाय भावार्थ : कबीर साहेब जी कहते हैंकि जो प्रेम और भक्ति में रचन्वस गया है उसे मुक्ति और मोक्ष का फल प्राप्त होता है। जो सद्गुरु के शब्दों उपदेशों से घुल मिल गया हो उसका पुनः जन्म या मरण नहीं होता है। FOLLOW US ON H SAMUNDKADELHI SADELHMUNDKA SAILOK ASHRAMMNDKA OFFICIAL SAILOKASHRAN Mundra भक्ति और मुक्ति कबीर , प्रेम भक्ति मे रचि रहे, मोक्ष मुक्ति फल पाय। शब्द माहि जब मिली रहै, नहि आबै नहि जाय भावार्थ : कबीर साहेब जी कहते हैंकि जो प्रेम और भक्ति में रचन्वस गया है उसे मुक्ति और मोक्ष का फल प्राप्त होता है। जो सद्गुरु के शब्दों उपदेशों से घुल मिल गया हो उसका पुनः जन्म या मरण नहीं होता है। FOLLOW US ON H SAMUNDKADELHI SADELHMUNDKA SAILOK ASHRAMMNDKA OFFICIAL - ShareChat