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काशी करौत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटि ग्रंथ का योहि अर्थ है, करो साध सत्संग रे ।। कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी कटवा दी किंतु यह मोक्ष मार्ग नहीं है। ##SacrificedAll_LostMoksha #👌 आत्मविश्वास #💫ध्यान के मंत्र🧘‍♂️ #🌸 सत्य वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 God KabirJi Nirvan
#SacrificedAll_LostMoksha - करौत काहे लेही . काशी 0 नही ढंग रे 1 बिना भेजन 8, अर्थ कोटि ग्रंथ का योहि करो साध सत्संग रे ।। कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g ಹcar ೩ यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का आदेश दिया है। इसी का समर्थन गीता जी ने किया है। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk : Maharaj CHANNEL 7!96801825 maintRamnpaana करौत काहे लेही . काशी 0 नही ढंग रे 1 बिना भेजन 8, अर्थ कोटि ग्रंथ का योहि करो साध सत्संग रे ।। कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g ಹcar ೩ यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का आदेश दिया है। इसी का समर्थन गीता जी ने किया है। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk : Maharaj CHANNEL 7!96801825 maintRamnpaana - ShareChat