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#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - Hyee क्या शायरी है इश्क़ के बाज़ार में हुस्न का मेला रह गया, भीड़ है लाखों की मगर दिल अकेला रह गया..!! दिखावा करने वाले ले गए मोहब्बत का खिताब, 1R&774441<17 हर इंसान अकला रह गया..!! Hyee क्या शायरी है इश्क़ के बाज़ार में हुस्न का मेला रह गया, भीड़ है लाखों की मगर दिल अकेला रह गया..!! दिखावा करने वाले ले गए मोहब्बत का खिताब, 1R&774441<17 हर इंसान अकला रह गया..!! - ShareChat