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#kalki #kalyug ka kalki #🌺भगवान कल्कि जयंती🌺 #भगबान कल्कि अवतार ❤🙏🏻 #KALKI RAJ
kalki - ऊँ विश्व शांति सत्यमेव जयते जय अहिंसा नवीन विश्व धर्म कल्कि ज्ञान सागर सतयुगी विश्व अहिंसा परमोधर्म का संदेश ईश्वर नहीं मानव जगत के सत्कर्म ही धरती को अविनाशी स्वर्ग बना सकते है। कल्कि साधक  केलात मोरन  अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ईश्वरीय ज्ञानानुसार निर्गुण ईश्वर का सगुण स्वरूप है , कर्मभूमि पर मानव जीवन  সানন कर्म प्रधान है, ईश्वर मानव को कर्म करने का ज्ञान दे सकता है, किसी से निर्धारित कर्म नहीं करवा सकता , कर्मभूमि पर मानव स्वयं कर्ता , भरता , हरता बना हुआ है। ज्ञात रहे मानव जगत के कर्मों के अनुसार कर्मभूमि पर युग परिवर्तन होते है। सम्पूर्ण मानव जगत के लोग चाहे तो सत्कर्मी बनकर अपनी कर्मभूमि को अविनाशी स्वर्ग बना सकते इंसान ने कर्मभूमि पर चाहे जितने विकास कर लिए हो, किन्तु 8 में इंसान 7 ईश्वर व स्वयं के सत्यस्वरूप को , मानव धर्म  लाखों वर्षों  की सत्य परिभाषा को नहीं समझ पाया, इसलिए कर्मभूमि पर बार-बार पाप का बोझ बढ़ने के कारण महाविनाश होता आया है वरना हमारा वर्तमान कलेण्डर मात्र २०२३ वर्ष की नहीं लाखों वर्षों की गणना कर रहा होता | कर्मभूमि को महाविनाश से बचाना है, तो सम्पूर्ण मानव जगत के लोगों को पाप कर्मों का त्यागकर सत्कर्मी , निष्काम कर्मयोगी, आत्मज्ञानी बनना होगा ईश्वर व स्वयं के सत्यस्वरूप को जानों अपना मानव जीवन सार्थकबनाओं अधिक जानकारी के Kalki Gyan Sagar एप डाउनलॉड करें लिए ऊँ विश्व शांति सत्यमेव जयते जय अहिंसा नवीन विश्व धर्म कल्कि ज्ञान सागर सतयुगी विश्व अहिंसा परमोधर्म का संदेश ईश्वर नहीं मानव जगत के सत्कर्म ही धरती को अविनाशी स्वर्ग बना सकते है। कल्कि साधक  केलात मोरन  अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ईश्वरीय ज्ञानानुसार निर्गुण ईश्वर का सगुण स्वरूप है , कर्मभूमि पर मानव जीवन  সানন कर्म प्रधान है, ईश्वर मानव को कर्म करने का ज्ञान दे सकता है, किसी से निर्धारित कर्म नहीं करवा सकता , कर्मभूमि पर मानव स्वयं कर्ता , भरता , हरता बना हुआ है। ज्ञात रहे मानव जगत के कर्मों के अनुसार कर्मभूमि पर युग परिवर्तन होते है। सम्पूर्ण मानव जगत के लोग चाहे तो सत्कर्मी बनकर अपनी कर्मभूमि को अविनाशी स्वर्ग बना सकते इंसान ने कर्मभूमि पर चाहे जितने विकास कर लिए हो, किन्तु 8 में इंसान 7 ईश्वर व स्वयं के सत्यस्वरूप को , मानव धर्म  लाखों वर्षों  की सत्य परिभाषा को नहीं समझ पाया, इसलिए कर्मभूमि पर बार-बार पाप का बोझ बढ़ने के कारण महाविनाश होता आया है वरना हमारा वर्तमान कलेण्डर मात्र २०२३ वर्ष की नहीं लाखों वर्षों की गणना कर रहा होता | कर्मभूमि को महाविनाश से बचाना है, तो सम्पूर्ण मानव जगत के लोगों को पाप कर्मों का त्यागकर सत्कर्मी , निष्काम कर्मयोगी, आत्मज्ञानी बनना होगा ईश्वर व स्वयं के सत्यस्वरूप को जानों अपना मानव जीवन सार्थकबनाओं अधिक जानकारी के Kalki Gyan Sagar एप डाउनलॉड करें लिए - ShareChat