#☘️हर हर महादेव🙏🏼 #🕉ओम नमः शिवाय #🙏महाकाल #🙏सोमवार भक्ती स्पेशल🌟 #🌑सोमवती अमावस्या☘️
🌙 शंख-जल से वास्तु शुद्धि
चन्द्र शांति से घर की नकारात्मकता का शमन
कभी-कभी घर में सब कुछ ठीक होते हुए भी वातावरण भारी लगने लगता है…
बिना कारण क्लेश, अनिद्रा, बच्चों का डरना, बार-बार नज़र लगना — ये संकेत केवल परिस्थितियों के नहीं, ऊर्जा के असंतुलन के भी हो सकते हैं।
ऐसे समय एक अत्यंत सरल, सौम्य और शास्त्रसम्मत उपाय है —
शंख-जल द्वारा वास्तु शुद्धि।
🐚 यह उपाय किनके लिए उपयोगी?
घर में निरंतर तनाव या वाद-विवाद
रात में भय या अशांत स्वप्न
बच्चों पर नज़र का प्रभाव
घर में अकारण बेचैनी या भारीपन
🕉️ विधि (विशेष रूप से महाशिवरात्रि की संध्या पर)
1️⃣ एक शुद्ध, दक्षिणावर्ती या सामान्य शंख लें।
2️⃣ उसमें गंगाजल या स्वच्छ जल भरें।
3️⃣ उस शंख को भगवान शंकर के समक्ष श्रद्धापूर्वक स्थापित कर दें।
⚠️ ध्यान रहे — शंख के जल से अभिषेक नहीं करना है।
4️⃣ शिवलिंग का अभिषेक अलग से लोटे या श्रृंगी से करें।
5️⃣ अभिषेक करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप करें।
6️⃣ पूजन पूर्ण होने के बाद, शंख में रखा वही जल घर के मुख्य द्वार, कोनों, रसोई और शयन कक्ष में हल्के छिड़काव के रूप में प्रयोग करें।
🌊 आध्यात्मिक आधार
शंख को चन्द्र का प्रतीक माना गया है।
चन्द्र मन का स्वामी है, और घर का वातावरण मनोऊर्जा से गहराई से जुड़ा रहता है।
जब शंख में रखा जल मंत्रजप के स्पंदन को ग्रहण करता है, तो वह जल साधारण नहीं रहता —
वह शिव सन्निधि में ऊर्जित, चन्द्रतत्व से संतुलित, मंत्रशक्ति से पवित्रित हो जाता है।
उसका छिड़काव घर में संचित नकारात्मक तरंगों को शान्त करता है और सौम्य शीतलता प्रदान करता है।
🌟 विशेष सावधानियाँ
शंख शुद्ध और केवल पूजन हेतु प्रयोग में लिया जाए।
श्रद्धा, संयम और शांत मन से जप करें।
यदि गंभीर वास्तु दोष हो तो व्यक्तिगत मार्गदर्शन आवश्यक है।
🌺 इस महाशिवरात्रि केवल पूजा ही नहीं…
ऊर्जा शुद्धि का भी संकल्प लें।
घर दीवारों से नहीं,
मन और मंत्र की तरंगों से पवित्र होता है।


